आईपीओ : इन बातों का रखें ध्यान


  • Created
  • Author samco

डॉट कॉम बबल के समय निवेशक किसी भी आईपीओ में पैसा लगा कई गुना कर सकते थे. तब से अब तक आईपीओ का आकर्षण काफी कम हो गया है. पर आज भी सही मूल्यांकन कर अगर आईपीओ में निवेश किया जाए तो यह फ़ायदे  का सौदा हो सकता है. अगर आपने मन बना लिया है तो आईपीओ के दौरान इन बातों का ध्यान रखें:

1. निष्पक्ष मूल्यांकन मिलना कठिन है

प्राइवेट कंपनियों से जुडी सूचनाएं मिलना आसान नहीं होता. पब्लिक कंपनियों को तो कई एनालिस्ट खंगालते रहते हैं, पर नई कंपनियों को अपना लेखा-जोखा सार्वजानिक नहीं करना पड़ता. यों तो प्रॉस्पेक्टस में सभी सूचनाएं होती हैं, पर यह ध्यान रखना चाहिए कि उसे कंपनी ने खुद ही लिखा होता है - किसी निष्पक्ष संस्था ने नहीं.

आप इन्टरनेट की मदद से  कंपनी और उनके प्रतिद्वंद्वियों के बारे में पता लगा सकते हैं. पता लगाएँ कि पिछली पूँजी कहाँ से लाई गई थी. उनकी पुरानी प्रेस विज्ञप्तियां जांचें और उनके सेक्टर की संभावनाओं को भी जांचें. आप कंपनी के बारे में जितना अधिक जान पाएं, उतना बेहतर. यह भी हो सकता है कि आपको  कुछ ऐसी जानकारी मिले कि कंपनी में फिलहाल निवेश न करना ही श्रेयस्कर लगे.

2. वही आईपीओ चुनें जिसे स्थापित अंडरराइटर लाए हों

ऐसा नहीं है कि स्थापित अंडरराइटर कभी बुरी डील लेकर न आते हों, पर आमतौर पर अच्छे इन्वेस्टमेंट बैंक अच्छी कंपनियों के साथ ही काम करते हैं. अगर आप किसी ऐसे आईपीओ में निवेश करना चाह रहे हैं जिसे कोई छोटे अंडरराइटर पेश कर रहे हैं, तो आपको अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए, क्योंकि कंपनी चुनने के उनके मापदंड ज्यादा कठोर नहीं होते. आप ही सोचिए- गोल्डमैन साक्स तो क्लाइंट ठुकरा सकती है पर छोटे-मोटे अंडरराइटर को पैसे कमाने के इतने मौके कहाँ मिलेंगे?

3.   प्रॉस्पेक्टस ज़रूर पढ़ें

पहले हम कह चुके हैं कि प्रॉस्पेक्टस पर आँख मूँद कर भरोसा नहीं किया जा सकता. फिर भी उसे ध्यान से पढ़ना ज़रूरी है. यह काम काफी उबाऊ लग  सकता है, पर कंपनी क्या जोखिम उठा रही है और किन अवसरों पर अपने प्रयास केन्द्रित कर रही है, यह यहीं से जाना जा सकता है. आईपीओ से जुटाई राशि का उपयोग कहाँ होगा, यह भी प्रॉस्पेक्टस में लिखा होता है.

उदाहरण के लिए अगर सारी ही राशि ऋण उतारने में लगाईं जा रही है - तो आपको सावधान हो जाना चाहिए. जिस कंपनी को ऋण चुकाने के लिए बाज़ार से पैसा लेना पड़ रहा है, वह भला आपके पैसे कैसे चुकाएगी? अनुसन्धान, नए क्षेत्रों में प्रवेश अथवा नए उपकरणों पर पूँजी का उपयोग बेहतर कहा जा सकता है. साथ ही, आय के अनुमानों को भी करीब से जांचें. अगर ये अविश्वसनीय हों, तो ऐसे आईपीओ से सावधान रहें.

4.  सावधानी बरतें  

आईपीओ से जुडी हर चीज़ को संदेह से देखें. हम पहले भी कह चुके हैं कि आईपीओ से जुडी बहुत कम सूचनाएं निष्पक्ष होती हैं - ऐसे में आपको हर सूचना को थोड़े संदेह के साथ ही देखना चाहिए. अगर आपको अंडरराइटर कह रहा है कि शेयर खरीदें, तो अधिक सतर्कता बरतिए! कोई भी अंडरराइटर वैयक्तिक निवेशक को आईपीओ नहीं बेचता - अगर ऐसा हो रहा है तो शायद संस्थागत निवेशकों ने इस आईपीओ में रूचि नहीं दिखाई है और अब आपको ये बेकार शेयर बेचे जा रहे हैं.

यहाँ हम बता दें कि अगर आईपीओ किसी अच्छी कंपनी का होगा तो मुमकिन है कि आपको एक लॉट से अधिक शेयर न मिले. इसलिए ओवरसब्सक्राइब होने वाले आईपीओ में एक से अधिक आवेदन दें - अलग अलग अकाउंट से.

5. लॉक-अप अवधि तक रुक जाएं?

आईपीओ में निवेश से पहले यह सोचें कि अभी निवेश करने के बजाय लॉक-अप अवधि के अंत होने पर जब शेयर की दरों में गिरावट आएगी, तब क्यों न शेयर खरीदें जाएं. अगर आप लंबी अवधि के निवेश में विश्वास रखते हैं, तो यह रणनीति अच्छी  हो सकती है - और उस समय तक कंपनी के बारे में अधिक सूचना भी आपको मिल जाएगी. हाँ, अगर आप केवल “लिस्टिंग गेन्स” के लिए आईपीओ में निवेश करना चाहते हों, तो बात और है. पर इस बारे में विचार अवश्य करें.

Comments

Start IPO Trading through SAMCO

Don't have a Trading Account !!!
Open an account with Samco and Do IPO Trading for Just Rs 20. For more details, share your contact details with us